क्राइमछत्तीसगढ़

जब थाने पर लगा हो ताला तो अपराधियों के हौसले और मनोबल तो सातवें आसमान पर ही होंगे।

🔴 पोड़ी थाना सवालों के घेरे में
जब थाने पर लगा हो ताला, तो अपराधियों मनोबल सातवें आसमान पर ही होगा!
पोड़ी। जिस थाने की ज़िम्मेदारी जनता की सुरक्षा की होती है,


अगर उसी थाने का दरवाज़ा दिन-रात बंद मिले
तो याद रखिए—
👉 अपराधियों के हौसले अपने आप बुलंद हो जाते हैं।
पोड़ी थाना क्षेत्र में इन दिनों
दिनदहाड़े घरों में चोरी की घटनाएं
आम बात होती जा रही हैं।
लोग घर से निकलते हैं डर के साथ
और लौटते हैं इस आशंका में
कि पता नहीं घर सुरक्षित मिलेगा या नहीं।
अवैध धंधों का गढ़ बनता पोड़ी थाना क्षेत्र
सूत्रों की मानें तो
पोड़ी थाना क्षेत्र में
👉 अवैध कच्ची शराब का कारोबार
👉 गांजा का खुला धंधा
इन दिनों पूरे शबाब पर है।
हैरानी की बात यह है कि
यह अवैध कच्ची शराब
सिर्फ पोड़ी तक सीमित नहीं,
बल्कि चिरमिरी के अन्य इलाकों तक भी सप्लाई की जा रही है।
पुलिस अनजान या जानबूझकर मौन?


सबसे बड़ा सवाल यही है कि—
▪️ क्या पोड़ी पुलिस को इन गतिविधियों की जानकारी नहीं?
▪️ या फिर जानकारी होते हुए भी सब कुछ अनदेखा किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि
थाना प्रभारी दिन-रात थाने के दरवाज़े पर हथकड़ी लगाकर
खुद अंदर बैठे रहते हैं,
जिससे न केवल फरियादी परेशान हैं
बल्कि अपराधियों को भी खुली छूट मिल रही है।
🗣️ जनता पूछ रही है सवाल
स्थानीय नागरिकों का सीधा सवाल है—

“जब थाने का दरवाज़ा ही बंद रहेगा,
तो फरियाद लेकर आखिर जाएं कहां?”
🔍 अब जवाबदेही जरूरी
अब हालात ऐसे बन चुके हैं कि
पोड़ी थाना क्षेत्र को लेकर
कई गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं—
🔴 क्या पोड़ी थाना क्षेत्र अपराधियों के हवाले हो चुका है?
🔴 क्या अवैध शराब और गांजा कारोबार को संरक्षण मिल रहा है?
🔴 और आखिर थाना प्रभारी को किस बात का डर है?
जनता को जवाब चाहिए…
और सिस्टम से जवाबदेही भी।

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