छत्तीसगढ़

अनुमति नहीं, सहमति नहीं… फिर भी आयोजन सफल!

यूथ क्लब चिरमिरी बनाम पुलिस — पर्दे के पीछे की पूरी कहानी

चिरमिरी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यूथ क्लब चिरमिरी के अध्यक्ष संजय सिंह और चिरमिरी पुलिस के बीच गंभीर असहमति के बावजूद बहुरूपिया कार्यक्रम का आयोजन पूरी तरह सफल रहा।


सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिना स्पष्ट अनुमति के इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी चिरमिरी पुलिस पर थी।


जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम स्थल और आसपास जगह-जगह बैरीकेटिंग को लेकर यूथ क्लब अध्यक्ष संजय सिंह और चिरमिरी थाना प्रभारी के बीच आपसी सहमति नहीं बन पाई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई, जिसके बाद हालात कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गए।


हालांकि, अनुमति नहीं होने के बावजूद चिरमिरी पुलिस शुरुआत से ही कार्यक्रम में सहयोग करती रही और अपने हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था संभालती रही।
लेकिन जैसे ही बैरीकेटिंग को लेकर विवाद बढ़ा, वर्दीधारी पुलिस बल कार्यक्रम स्थल से हट गया।


यहां से कहानी ने नया मोड़ लिया।
थाना प्रभारी ने जिम्मेदारी से पीछे हटने के बजाय सिविल ड्रेस में 12 से 15 पुलिस जवानों को तैनात कर दिया, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था, विवाद या अप्रिय घटना को तुरंत रोका जा सके।


नतीजा यह रहा कि
👉 *बिना अनुमति,*
👉 *बिना आपसी सहमति,*
👉 *और बिना वर्दीधारी पुलिस की मौजूदगी,*
फिर भी बहुरूपिया कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफल तरीके से संपन्न हुआ।
अब सवाल कई हैं—
❓ *क्या बिना अनुमति ऐसे बड़े आयोजनों की छूट मिलनी चाहिए?*


❓ *क्या आयोजक और पुलिस के बीच समन्वय की कमी भविष्य में किसी बड़ी घटना को न्योता दे सकती है?*
❓ *और क्या पर्दे के पीछे की यह “साइलेंट पुलिसिंग” व्यवस्था की मजबूरी थी या जिम्मेदारी?*
चिरमिरी में यह आयोजन सफल जरूर रहा, लेकिन इसने प्रशासनिक व्यवस्था और आयोजकों की जिम्मेदारी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!