छत्तीसगढ़

श्रीमती मल्लिका रूद्रा ने शिक्षा जगत में चिरमिरी को दिया नया आयाम

(लाखों विद्यार्थी लाभान्वित हों रहे हैं हिंदी क्रियाकलाप व व्याकरण पुस्तक से)

चिरमिरी। शिक्षा नीति निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में अब चिरमिरी ने भी अपनी पहचान बना ली है। शहर की युवा और प्रतिभाशाली कवि, लेखिका एवं साहित्यकार डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल चिरमिरी की हिन्दी शिक्षिका श्रीमती मल्लिका रूद्रा ने कक्षा तीसरी के विद्यार्थियों के लिए एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर आधारित हिंदी व्याकरण की अभ्यास पुस्तक गोल्डेन ‘वीणा’ का लेखन किया है। यह पुस्तक न्यू एज इंटरनेशनल पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई है और इसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के नवीनतम उद्देश्यों को ध्यान में रखकर सामग्री प्रस्तुत की गई है।

इस पुस्तक में व्याकरण को सरल और रोचक बनाने के लिए विभिन्न क्रियाकलापों, चित्रों और उदाहरणों को शामिल किया गया है। लेखिका ने अपने अनुभव और परिश्रम से इसे इस प्रकार तैयार किया है कि विद्यार्थी न केवल भाषा को आसानी से समझ सकें, बल्कि व्यावहारिक जीवन कौशल भी सीखें। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वल्ड बुक फेयर 2026 में इस पुस्तक का प्रदर्शन किया गया, जहाँ यह हॉल क्रमांक 10 के स्टाल नंबर W-6 पर उपलब्ध रही। शिक्षा प्रेमियों, अध्यापकों और विद्यार्थियों ने इस पुस्तक को नई शिक्षा नीति के अनुरूप एक उपयोगी सामग्री बताते हुए सराहा।

श्रीमती रूद्रा का कहना है कि गोल्डेन ‘वीणा’ अभ्यास पुस्तक का उद्देश्य बच्चों को भाषा के साथ-साथ जीवन जीने की कला से भी परिचित कराना है। उनका विश्वास है कि यह पुस्तक देशभर के लगभग 75 लाख विद्यार्थियों तक पहुँचेगी और विदेशों में भी हिंदी भाषा के अध्ययन को नया आयाम देगी। चिरमिरी की इस उपलब्धि से कोयलांचल क्षेत्र में हर्ष की लहर है। शिक्षा जगत से जुड़े शिक्षा एवं शिक्षकवृंद, साहित्यकार और समाज के जागरूक लोगों ने श्रीमती मल्लिका रूद्रा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

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