
मामला डोमनहिल का है, जहां विश्वकर्मा पूजा कमेटी द्वारा वर्षों तक भोग-भंडारे और सामाजिक आयोजनों के लिए
एक ओपन शेड की मांग की जाती रही।

काफी लंबे इंतजार के बाद
नगर पालिक निगम चिरमिरी ने
सरकारी खर्चे से
उस ओपन शेड का निर्माण तो करवा दिया…
लेकिन आज उसी शेड की हालत देखिए—
सरकारी निर्माण पर निजी कब्जा!
इस ओपन शेड का इस्तेमाल अब
पूजा
भंडारा
सामाजिक कार्यक्रम
के लिए नहीं…

बल्कि
एक निजी गैरेज मालिक
वहां गाड़ियां खड़ी कर
खुलेआम जगह का दुरुपयोग कर रहा है।
कमेटी ने विरोध किया,
कई बार नगर निगम को लिखित आवेदन दिए,
शेड खाली कराने की गुहार लगाई—
लेकिन
आज तक कोई कार्रवाई नहीं।
सबसे बड़ा आरोप क्या है?

बताया जा रहा है कि
उस गैरेज मालिक को
रूलिंग पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है,
जिसके कारण
उसका मनोबल इतना बढ़ चुका है
कि वह सरकारी संपत्ति पर कब्जा जमाए बैठा है।

*अब सवाल बेहद गंभीर हैं…*
*क्या*
सरकारी खर्चे से बना निर्माण
कोई भी निजी व्यक्ति
अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकता है?
क्या
बार-बार शिकायत मिलने के बाद भी
नगर पालिक निगम चिरमिरी
इतना बेबस हो चुका है
कि वह शेड खाली तक नहीं करा पा रहा?
या फिर
रूलिंग पार्टी के स्थानीय नेताओं से
नगर निगम के अफसर भी डरते हैं?

जनता पूछ रही है—
सरकारी संपत्ति पर कब्जा कब हटेगा?
नगर निगम कार्रवाई कब करेगा?
या फिर यह शेड
सिर्फ रसूखदारों के लिए ही बना है?
हम मांग करते हैं—
तत्काल प्रभाव से
ओपन शेड को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए
और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो।




