वाहन चेकिंग में व्यस्त चौकी प्रभारी, सरोला,नागपुर चौक से बरबसपुर तक नशे का धंधा बेखौफ जारी।

नागपुर।
एक तरफ नागपुर पुलिस चौकी के जवान सड़क सुरक्षा अभियान के नाम पर वाहनों की सघन चेकिंग में जुटे हुए हैं। हेलमेट, सीट बेल्ट, कागज़ात और चालान की कार्रवाई जोरों पर है। लेकिन दूसरी तरफ शहर और आसपास के इलाकों—नागपुर चौक, सरोला, सेमरा और बरबसपुर—में अवैध गांजा बिक्री खुलेआम धड़ल्ले से जारी होने की चर्चा आम है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही इन इलाकों में संदिग्ध गतिविधियाँ बढ़ जाती हैं। छोटे-छोटे समूहों में युवाओं की भीड़, संदिग्ध लेन-देन और नशे का खुला खेल—ये सब किसी से छिपा नहीं है। सवाल यह उठता है कि जब आम जनता को यह सब साफ दिखाई दे रहा है, तो क्या पुलिस की नजर इस पर नहीं पड़ रही?
🚔 सड़क पर सख्ती, गली में नरमी?
बीते कुछ दिनों से नागपुर चौकी पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग अभियान तेज किया गया है। कागज़ अधूरे मिलने पर चालान, बिना हेलमेट बाइक सवारों पर जुर्माना—इन कार्रवाइयों से राजस्व तो बढ़ रहा है, लेकिन क्या इससे अपराध नियंत्रण हो रहा है?
लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है युवाओं को नशे के दलदल से बचाना। अगर गांजा जैसे अवैध नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं, तो यह कानून व्यवस्था पर सीधा सवाल है।

❓ जनता पूछ रही है सवाल
क्या पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ वाहन चेकिंग तक सीमित है?
क्या अवैध गांजा कारोबार पर कार्यवाही करना पुलिस का दायित्व नहीं?
आखिर किनके संरक्षण में चल रहा है यह अवैध धंधा?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार मौखिक शिकायतें की गईं, लेकिन ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगी, तो युवा पीढ़ी पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
📢 प्रशासन से मांग
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि वाहन चेकिंग के साथ-साथ नशे के कारोबार पर भी विशेष अभियान चलाया जाए। संदिग्ध स्थानों पर नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और अवैध कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि नागपुर पुलिस इस मुद्दे को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या सड़क के साथ-साथ गलियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी, या फिर यह सवाल यूं ही हवा में तैरता रहेगा?




