छत्तीसगढ़

मनेन्द्रगढ़ रेलवे स्टेशन और कॉलोनी में अव्यवस्थाओं का अंबार, कर्मचारियों और यात्रियों को झेलनी पड़ रही भारी परेशानियाँ

वर्षों से जमे हेल्थ इंस्पेक्टर काम के बदले दिखाते है नेतागिरी का धौंस

मनेंद्रगढ़/एमसीबी।

मनेन्द्रगढ़ रेलवे स्टेशन और रेलवे कॉलोनी की स्थिति इन दिनों बदहाल हो चुकी है। स्टेशन परिसर से लेकर आवासीय कॉलोनी तक अव्यवस्थाओं का अंबार नजर आता है। जगह-जगह फैली घास, जर्जर दीवारें, वर्षों से गिरे पड़े पेड़ और गंदगी से माहौल अस्वच्छ बना हुआ है।

रेलवे कॉलोनी में निवासरत कर्मचारी लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन बार-बार निवेदन करने के बावजूद रेलवे प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।


स्वच्छ पेयजल का संकट

स्टेशन में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। आरओ (RO) प्लांट खराब पड़ा है या अनुपलब्ध है, जिसके कारण कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। नागरिकों का कहना है कि पीने के पानी की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, और गर्मी के दिनों में यह संकट और भी बढ़ जाता है।

कॉलोनी में जगह-जगह विशालकाय वृक्ष वर्षोंसे टूट कर गिरे हुए है, और जा के तस पड़े हुए हैं, इसको हटाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई

साफ-सफाई का कार्य रेलवे के हेल्थ इंस्पेक्टर के अधीन है, लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि न तो नियमित सफाई होती है और न ही किसी प्रकार का निरीक्षण। हेल्थ इंस्पेक्टर पर आरोप है कि वे जिम्मेदारी निभाने की बजाय ट्रेड यूनियन की नेतागिरी में व्यस्त रहते हैं। श्रमिक संगठन के पदाधिकारी के रूप में वर्षों से जमे होने के बावजूद सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो पा रहा है।

रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि जब भी सफाई या अन्य जरूरी कार्यों की बात की जाती है, तो हेल्थ इंस्पेक्टर द्वारा बातों को टाल-मटोल कर दिया जाता है।

कमर्शियल विभाग में अनियमितता

कमर्शियल इंस्पेक्टर का मुख्यालय अनूपपुर स्थानांतरित हो चुका है, लेकिन उनके अधीन कार्यरत चपरासी पी. सूर्य नारायण अब भी मनेन्द्रगढ़ में डटे हुए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि वे राजनीतिक और ट्रेड यूनियन के दबाव के कारण वर्षों से यहां पदस्थ हैं, जबकि नियमों के अनुसार उनका स्थानांतरण हो जाना चाहिए था।

स्टेशन में पशुओं का प्रवेश, यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा

स्टेशन परिसर में अक्सर आवारा पशु घूमते नजर आते हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। कई बार जानवरों के कारण ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न होने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि स्टेशन परिसर में पशु सुरक्षा हेतु कैटल गार्ड लगाए जाएं ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

गंदगी में तब्दील हुआ रेलवे तालाब

मनेन्द्रगढ़ रेलवे कॉलोनी का तालाब, जो कभी लोगों के स्नान और उपयोग के लिए साफ-सुथरा था, आज गंदगी से भर चुका है। रेलवे विभाग ने उसे ग्रिल लगाकर बंद कर दिया है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब की सफाई और पुनर्जीवन के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।

स्टेशन रोड जाने वाले मार्ग में अंधेरा

रात्रि को जब लोग स्टेशन जाते हैं रास्ते में पड़ने वाले सड़क पर लगी हुई लाइट उसमें फोकस नहीं होने कारण अंधेरा व्याप्त रहता है जिससे आने-जाने वाले राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है ऐसे में अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधिक व्यक्ति कोई भी घटनाक्रम कर सकता है रेलवे प्रशासन को चाहिए की मारवाड़ी धर्मशाला से लेकर स्टेशन तक भरपूर लाइट की व्यवस्था करे।

टिकट काउंटरों की अव्यवस्था

रेलवे स्टेशन में टिकटिंग व्यवस्था भी अव्यवस्थित है। एक ही व्यक्ति को रिजर्वेशन काउंटर और जनरल टिकट काउंटर दोनों की जिम्मेदारी दी गई है। ट्रेन आने के समय रिजर्वेशन काउंटर बंद कर जनरल टिकट बिक्री की जाती है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

यात्रियों का कहना है कि दो अलग-अलग कर्मचारियों को नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि किसी भी समय टिकट बिक्री में व्यवधान न हो और भीड़भाड़ की स्थिति से बचा जा सके। कई बार इस अव्यवस्था के कारण यात्रियों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति तक बन जाती है।

स्थानीय नागरिकों और रेलवे कर्मचारियों ने कहा कि रेलवे प्रशासन से मांग है कि मनेंद्रगढ़ स्टेशन और कॉलोनी की समस्याओं पर तत्काल ध्यान दिया जाए,सड़क में प्रकाश व्यवस्था, नियमित सफाई, पेयजल व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती में सुधार किया जाए ताकि यात्रियों और कर्मियों को राहत मिल सके।

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